DM ka full form | DM की पूरी जानकारी हिंदी में | DM kaise bane

दोस्तों हमारे देश में DM का पद एक सम्मानजनक और सबसे उच्च पद माना जाता है। आज की हमारी युवा पीढ़ी में DM बनने का जुनून चरम पर है। लाखों की संख्या में DM के उम्मीदवार दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद जैसे शहरों में जाकर अपने इस सपने को साकार करना चाहते हैं। DM के पद पर विराजमान व्यक्ति के हाथ में पूरे जिले की कमान होती है। DM को अपने जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाएं बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी होती है। पूरे जिले की कमान किसी व्यक्ति के हाथों में होना इसी बात से पता चलता है। कि DM का पद कितना सम्मानजनक व Powerful होता है।

D M ka full form "District Magistrate" होता है, जिसे हिंदी में जिला मजिस्ट्रेट कहते है।

दोस्तों क्या आप जानना चाहते हैं कि DM Kaun hota ha?, D M ka full form क्या होता है?, DM kaise Bane? तथा DM का power क्या होता है। तो आप हमारे साथ इस आर्टिकल में अंत तक बने रहिए। यह पोस्ट आपके सपने को साकार करने में जरूर मदद करेगी।



Table of contents

  • DM Kaun hota hai? (डीएम कौन होता है)
  • D M full form in hindi
  • D M kaise bane?
  • DM बनने के लिए Age Limit
  • DM बनने के लिए योग्यताएं
  • DM बनने के लिए कौन सा Entrance Exam दे?
  • DM के कार्य
  • DM के अधिकार
  • चयन प्रक्रिया
  • DM की तैयारी कैसे करें?
  • DM ki salary
  • DM से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब
  • Conclusion
  • DM Kaun hota hai? (डीएम कौन होता है)

    DM यानी (District magistrate) डीएम किसी भी जिले का मालिक का मुखिया होता है। जिसके ऊपर उस जिले की प्रशासनिक व्यवस्थाएं निर्विहीत होती हैं। एक जिलाधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा अर्थात IAS होता है।

    District magistrate  का निर्माण सन 1997 में Warnenhasting द्वारा की गई। भारत में डीएम का पद सबसे उच्च और सम्मान जनक माना जाता है। जिले में कानूनी या गैर कानूनी गतिविधियों को चलाने के लिए डीएम की अनुमति लेना अनिवार्य है।

    D M full form in hindi

    DM ka full form "District Magistrate" जिसे हिंदी में "जिला अधिकारी" कहा जाता है। एक जिलाधिकारी भारतीय प्रशासनिक सेवा(Indian Administrative service) अर्थात IAS के नाम से भी जाना जाता है। डीएम किसी भी जिले के अंदर सबसे उच्च पद होता है। जिसके हाथ में जिले की संपूर्ण कमान होती है। District magistrate को जिले का मुखिया भी कहा जाता है।

    D M kaise bane?

    आज हमारे देश में लाखों की संख्या में उम्मीदवार डीएम बनने की सपना देख रहे हैं। जिसे साकार करने के लिए वे कानपुर, लखनऊ, दिल्ली, इलाहाबाद जैसे बड़े-बड़े शहरों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।

    क्या आप जानते हैं कि "D M kaise Bane" शायद नहीं। तो दोस्तों हम आपको बता देंगे कि डीएम बनने के लिए आपको UPSC (Union Public Service Commission) के तहत CSE (Civil Service Exam) का Exam देना होता है। जिसमें आपको अच्छे अंक लाने होते हैं। इसके बाद आप IAS बनने की योग्य होते हैं, इसके बाद आपको 2 साल की ट्रेनिंग भी दी जाती है। पहले तो आप एक IAS Officer के पद पर कार्यरत रहेंगे। फिर कुछ प्रमोशन के बाद आपका पदोन्नति होता है। और आपको डीएम बना दिया जाता है।

    DM बनने के लिए Age Limit

    दोस्तों मैं आपको बता देना चाहता हूं कि हमारे देश में कई वर्ग हैं। और वर्ग के अनुसार ही एक district magistrate यानी जिलाधिकारी बनने की अलग-अलग Age Limit रखी गई है। जो कुछ इस प्रकार हैं। 

    1. सामान्य वर्ग (General)= 21-32 years
    2. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)= 21-35 years
    3. अति पिछड़ा वर्ग SC/ST)= 21-37 years

    DM बनने के लिए योग्यताएं

    यदि आप एक DM बनना चाहते हैं, तो आपको इसकी योग्यता के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।

    1. District magistrate बनने के लिए कैंडिडेट को सर्वप्रथम 12वीं किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम से पास करना होगा।
    2. कैंडिडेट किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से Graduate होना अनिवार्य है।
    3. कैंडिडेट की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।

    DM बनने के लिए कौन सा Entrance Exam दे?

    District Magistrate बनने के लिए उम्मीदवार को UPSC (Union Public Service Commission) के तहत CSE (Civil Service Exam) परीक्षा आयोजित की जाती है। जिसके बाद में उम्मीदवारों का चयन IAS, IPS, ISF,  IRS अधिकारी के रूप में होता है।

    DM के कार्य

    DM यानी "जिला अधिकारी" जो कि जिले का मुखिया होता है। जिसके निर्देशानुसार जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाएं चलती हैं। डीएम के निम्नलिखित कार्य होते हैं जो इस प्रकार हैं।

    • जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना।
    • किसी जगह पर छानबीन करना।
    • जरूरत पड़ने पर नई जेल के निर्माण के लिए आदेश देना।
    • जिले के अंदर कानून व्यवस्था को बनाए रखना।
    • प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना।
    • जिले में शांति बनाए रखना।
    • सरकारी कर्मचारियों का नजर रखना।
    • अपने से छोटे पद वाले अधिकारियों को सही दिशा निर्देश देना।

    DM के अधिकार

    जिलाधिकारी जिले का सर्वोच्च अधिकारी होता है। वह जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। हालांकि सभी राज्यों में डीएम की जिम्मेदारी एक जैसी नहीं होती। चुनाव के समय जिलाधिकारी जिले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी होता है।

    चयन प्रक्रिया

    Candidates को जिला अधिकारी बनने के लिए सबसे पहले UPSC के तहत आयोजित CSE (Civil Service Exam) परीक्षा को पास करना होता है। CSE पास कर लेने के बाद आप एक IAS Officer बन जाएंगे। फिर आपको 2 साल IAS के पद पर रहकर ड्यूटी देनी होती है। आगे चलकर यही IAS Officer प्रमोशन के बाद DM बन जाता है।

    IAS की परीक्षा तीन चरणों में होती है। यह चरण कुछ इस प्रकार हैं। 

    1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)
    2. मुख्य परीक्षा (Main Exam)
    3. साक्षात्कार (Interview)

    प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)

    CSE परीक्षा देने से पहले सर्वप्रथम आपको प्रारंभिक परीक्षा देनी होती है। इसमें दो Exam होते हैं। पहले पेपर में 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। और दूसरे में 80 प्रश्न। दोनों 200 Marks का होता है।

    मुख्य परीक्षा (Main Exam)

    प्रारंभिक परीक्षा पास कर लेने के बाद उम्मीदवार को मुख्य परीक्षा देनी होती है। अर्थात प्रारंभिक परीक्षा पास कर लेने के बाद ही अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा दे सकता है। मुख्य परीक्षा में आपको 9 पेपर देने होते हैं। जो कि 1750 Marks का होता है।

    साक्षात्कार (Interview)

    यह सबसे मुख्य और अंतिम चरण होता है। इस चरण में सिर्फ उसी उम्मीदवार को बुलाया जाता है, जो प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा पास कर ली हो। इस चरण में उम्मीदवार से अलग-अलग प्रश्न पूछे जाते हैं। यदि आप इस अंतिम चरण को पास कर लेते हैं, तो आप एक IAS Officer बन जाते हैं। 2 साल बाद उम्मीदवार प्रमोशन के बाद DM के पद पर नियुक्त कर दिया जाता है।

    DM की तैयारी कैसे करें?

    जैसा कि आप सब जान ही गए होंगे कि भारत में DM का पद सबसे ऊंचा और गौरवान्वित पद है। DM की तैयारी आप कुछ इस तरह से कर सकते हैं।

    1. आपको कानून की जानकारी होना अति आवश्यक है।
    2. रोजाना Current Affairs तथा Newspaper पढ़ना होगा।
    3. General knowledge का ज्ञान होना भी जरूरी है।
    4. MCQ रोजाना हल करें।
    5. Previous Years के पेपर को Solve करें।
    6. अच्छी किताबों का अध्ययन करें।

    DM ki salary

    दोस्तों आखिरकार DM ki salary होती कितनी है? यह जानने के लिए आप Google पर अवश्य ही Search किए होंगे। चलिए आज के इस पोस्ट में हम आपको बताते हैं कि DM Ki Salary कितनी होती है। DM Ki Salary की बात की जाए तो सैलरी व भत्ता के अलावा कई अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। इसके साथ ही DM को सातवें वेतनमान के अनुसार 1लाख से 1.5 लाख रुपए प्रतिमाह मिलती है।

    DM से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब

    1. डीएम और कलेक्टर में क्या अंतर है?
    Ans~ प्रत्येक जिले में एक जिला कलेक्टर होता है। जिले के मुख्य प्रशासनिक प्रमुख को कलेक्टर के रूप में जाना जाता है। वहीं जिलाधिकारी को डीएम कहा जाता है।

    2. भारत में डीएम के कुल कितने पद हैं?
    Ans~ भारत में डीएम के कुल 748 पद हैं।

    3. DM और SDM में क्या अंतर है?
    Ans~ डीएम पूरे जिले का मुख्य अधिकारी होता है। जो पूरे जिले के काम को देखता है। जबकि एसडीएम जिले के उपखंडों का काम करता है। एसडीएम, डीएम के अधीन काम करता है।

    4. डीएम को अपने पद से कौन हटा सकता है?
    Ans~ राज्य सरकार किसी आईएएस अधिकारी को सस्पेंड या उसका ट्रांसफर कर सकती है।

    Conclusion

    दोस्तों आशा करता हूं कि इस पोस्ट को पढ़कर आपको डीएम से जुड़ी समस्त जानकारी मिल ही गई होगी कि DM Kaun hota hai? DM का full form, DM kaise bane? इत्यादि। यदि आपके मन में डीएम से जुड़ी कोई प्रश्न उठा रहे हो तो कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। अगर आपको यह पोस्ट पढ़कर अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के पास अवश्य शेयर करें ताकि उन्हें भी सही जानकारी मिल सके।

    ! धन्यवाद !

    इसे भी पढ़े 

    एक टिप्पणी भेजें (0)
    और नया पुराने